Skip to content
परमात्मा

श्री बगलामुखी माता जी की आरती

Bagalamukhi Mata Aarti

Devotional hymn to Bagalamukhi, one of the ten Mahavidyas.

10 parts · 0 views · 0 shares

1

जय जय श्री बगलामुखी माता, आरति करहुँ तुम्हारी। x2 पीत वसन तन पर तव सोहै, कुण्डल की छबि न्यारी॥ कर-कमलों में मुद्गर धारै, अस्तुति करहिं सकल नर-नारी॥

2

जय जय श्री बगलामुखी माता...।

3

चम्पक माल गले लहरावे, सुर नर मुनि जय जयति उचारी॥ त्रिविध ताप मिटि जात सकल सब, भक्ति सदा तव है सुखकारी॥

4

जय जय श्री बगलामुखी माता...।

5

पालत हरत सृजत तुम जग को, सब जीवन की हो रखवारी॥ मोह निशा में भ्रमत सकल जन, करहु हृदय महँ, तुम उजियारी॥

6

जय जय श्री बगलामुखी माता...।

7

तिमिर नशावहु ज्ञान बढ़ावहु, अम्बे तुमही हो असुरारी॥ सन्तन को सुख देत सदा ही, सब जन की तुम प्राण पियारी॥

8

जय जय श्री बगलामुखी माता...।

9

तव चरणन जो ध्यान लगावै, ताको हो सब भव-भयहारी॥ प्रेम सहित जो करहिं आरती, ते नर मोक्षधाम अधिकारी॥

10

जय जय श्री बगलामुखी माता...। </div><h3 class="dpLyricsType ">॥ दोहा ॥</h3><div class="dpLyricsAartiGroup"> बगलामुखी की आरती, पढ़ै सुनै जो कोय। विनती कुलपति मिश्र की, सुख-सम्पति सब होय॥

Sources