श्री भैरव आरती
Batuka Bhairava Aarti
Devotional hymn to Batuka Bhairava, the youthful, protective form of Bhairava.
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1
जय भैरव देवा प्रभु जय भैरव देवा, सुर नर मुनि सब करते प्रभु तुम्हरी सेवा॥
2
ॐ जय भैरव देवा...॥
3
तुम पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक, भक्तों के सुखकारक भीषण वपु धारक॥
4
ॐ जय भैरव देवा...॥
5
वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी, महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी॥
6
ॐ जय भैरव देवा...॥
7
तुम बिन शिव सेवा सफल नहीं होवे, चतुर्वतिका दीपक दर्शन दुःख खोवे॥
8
ॐ जय भैरव देवा...॥
9
तेल चटकि दधि मिश्रित भाषावलि तेरी, कृपा कीजिये भैरव करिये नहिं देरी॥
10
ॐ जय भैरव देवा...॥
11
पाँवों घूंघरू बाजत डमरू डमकावत, बटुकनाथ बन बालक जन मन हरषावत॥
12
ॐ जय भैरव देवा...॥
13
बटुकनाथ की आरती जो कोई जन गावे, कहे धरणीधर वह नर मन वांछित फल पावे॥
14
ॐ जय भैरव देवा...॥
Sources
- Batuka Bhairava Aarti Lyrics — DrikPanchang