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परमात्मा

बृहस्पतिवार की आरती

Guruwar (Thursday) Brihaspati Aarti

An aarti to Brihaspati, guru of the gods, traditionally sung on Thursdays.

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1

ॐ जय बृहस्पति देवा, जय बृहस्पति देवा। छिन छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा॥

2

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

3

तुम पूर्ण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। जगतपिता जगदीश्वर, तुम सबके स्वामी॥

4

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

5

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता। सकल मनोरथ दायक, कृपा करो भर्ता॥

6

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

7

तन, मन, धन अर्पण कर, जो जन शरण पड़े। प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े॥

8

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

9

दीनदयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी। पाप दोष सब हर्ता, भव बन्धन हारी॥

10

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

11

सकल मनोरथ दायक, सब संशय तारो। विषय विकार मिटाओ, सन्तन सुखकारी॥

12

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

13

जो कोई आरती तेरी प्रेम सहित गावे। जेष्टानन्द बन्द सो सो निश्चय पावे॥

14

ॐ जय बृहस्पति देवा॥

Sources