Skip to content
परमात्मा

आरती गजबदन विनायक की

Gajavadan Vinayaka Aarti

A second aarti to Lord Ganesha as Gajavadana, the elephant-faced one.

8 parts · 1 views · 0 shares

1

आरती गजबदन विनायक की। सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥ आरती गजबदन विनायक की। सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥

2

आरती गजबदन विनायक की॥

3

एकदन्त शशिभाल गजानन, विघ्नविनाशक शुभगुण कानन। शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन, दुःखविनाशक सुखदायक की॥

4

आरती गजबदन विनायक की॥

5

ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति, विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति। अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति, विद्या-विनय-विभव-दायककी॥

6

आरती गजबदन विनायक की॥

7

पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर, धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर। लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर, सुर-वन्दित सब विधि लायक की॥

8

आरती गजबदन विनायक की॥

Sources