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परमात्मा

आरती श्री गंगाजी

Ganga Mata Aarti

Devotional hymn to Goddess Ganga, sung on her banks at dusk.

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1

ॐ जय गंगे माता, मैया जय गंगे माता। जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित फल पाता॥

2

ॐ जय गंगे माता॥

3

चन्द्र-सी ज्योति तुम्हारी, जल निर्मल आता। शरण पड़े जो तेरी, सो नर तर जाता॥

4

ॐ जय गंगे माता॥

5

पुत्र सगर के तारे, सब जग को ज्ञाता। कृपा दृष्टि हो तुम्हारी, त्रिभुवन सुख दाता॥

6

ॐ जय गंगे माता॥

7

एक बार जो प्राणी, शरण तेरी आता। यम की त्रास मिटाकर, परमगति पाता॥

8

ॐ जय गंगे माता॥

9

आरती मातु तुम्हारी, जो नर नित गाता। सेवक वही सहज में, मुक्ति को पाता॥

10

ॐ जय गंगे माता॥

Sources