Skip to content
परमात्मा

जानकी माता आरती

Janaki Mata Aarti

A second aarti to Sita, worshipped here as Janaki.

8 parts · 0 views · 0 shares

1

आरती कीजै श्रीजनक लली की। राममधुपमन कमल कली की॥

2

आरती कीजै श्रीजनक लली की...॥

3

रामचन्द्र, मुखचन्द्र चकोरी। अन्तर साँवर बाहर गोरी। सकल सुमन्गल सुफल फली की॥

4

आरती कीजै श्रीजनक लली की...॥

5

पिय दृगमृग जुग-वन्धन डोरी, पीय प्रेम रस-राशि किशोरी। पिय मन गति विश्राम थली की॥

6

आरती कीजै श्रीजनक लली की...॥

7

रूप-रास गुननिधि जग स्वामिनि, प्रेम प्रवीन राम अभिरामिनि। सरबस धन हरिचन्द अली की॥

8

आरती कीजै श्रीजनक लली की...॥

Sources