श्री कृष्ण की आरती
Budhwar (Wednesday) Krishna Aarti
A short aarti to Krishna traditionally sung on Wednesdays.
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1
आरती युगलकिशोर की कीजै। तन मन धन न्यौछावर कीजै॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै, हरि का स्वरूप नयन भरि पीजै।
2
रवि शशि कोटि बदन की शोभा, ताहि निरखि मेरो मन लोभा। ओढ़े नील पीत पट सारी, कुन्जबिहारी गिरिवरधारी।
3
फूलन की सेज फूलन की माला, रत्न सिंहासन बैठे नन्दलाला। कंचन थाल कपूर की बाती, हरि आये निर्मल भई छाती।
4
श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी, आरती करें सकल ब्रजनारी। नन्दनन्दन बृजभान किशोरी, परमानन्द स्वामी अविचल जोरी।
Sources
- Budhwar Aarti Lyrics — DrikPanchang