आरती देवी महागौरी जी की
Devi Mahagauri Aarti
Devotional hymn to Mahagauri, the eighth form of Navadurga.
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1
जय महागौरी जगत की माया। जय उमा भवानी जय महामाया॥ हरिद्वार कनखल के पासा। महागौरी तेरा वहा निवास॥
2
चन्द्रकली और ममता अम्बे। जय शक्ति जय जय माँ जगदम्बे॥ भीमा देवी विमला माता। कौशिक देवी जग विख्यता॥
3
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा। महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा॥ सती (सत) हवन कुंड में था जलाया। उसी धुएं ने रूप काली बनाया॥
4
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया। तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया॥ तभी माँ ने महागौरी नाम पाया। शरण आनेवाले का संकट मिटाया॥
5
शनिवार को तेरी पूजा जो करता। माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता॥ भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो। महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो॥
Sources
- Devi Mahagauri Aarti Lyrics — DrikPanchang