श्री नृसिंह भगवान की आरती
Om Jai Narsingh Hare
A second aarti to Lord Narasimha, protector of the devotee Prahlada.
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1
ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे। स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे॥
2
ॐ जय नरसिंह हरे॥
3
तुम हो दीन दयाला, भक्तन हितकारी, प्रभु भक्तन हितकारी। अद्भुत रूप बनाकर, अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी॥
4
ॐ जय नरसिंह हरे॥
5
सबके हृदय विदारण, दुस्यु जियो मारी, प्रभु दुस्यु जियो मारी। दास जान अपनायो, दास जान अपनायो, जन पर कृपा करी॥
6
ॐ जय नरसिंह हरे॥
7
ब्रह्मा करत आरती, माला पहिनावे, प्रभु माला पहिनावे। शिवजी जय जय कहकर, पुष्पन बरसावे॥
8
ॐ जय नरसिंह हरे॥
Sources
- Om Jai Narsingh Hare Aarti Lyrics — DrikPanchang