श्री गिरिराज आरती
Shri Giriraj Aarti
Devotional hymn to Giriraj, the Govardhan hill worshipped as a form of Krishna's protection.
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ॐ जय जय जय गिरिराज, स्वामी जय जय जय गिरिराज। संकट में तुम राखौ, निज भक्तन की लाज॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
इन्द्रादिक सब सुर मिल तुम्हरौं ध्यान धरैं। रिषि मुनिजन यश गावें, ते भवसिन्धु तरैं॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
सुन्दर रूप तुम्हारौ श्याम सिला सोहें। वन उपवन लखि-लखि के भक्तन मन मोहें॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
मध्य मानसी गङ्गा कलि के मल हरनी। तापै दीप जलावें, उतरें वैतरनी॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
नवल अप्सरा कुण्ड सुहावन-पावन सुखकारी। बायें राधा-कुण्ड नहावें महा पापहारी॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
तुम्ही मुक्ति के दाता कलियुग के स्वामी। दीनन के हो रक्षक प्रभु अन्तरयामी॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
हम हैं शरण तुम्हारी, गिरिवर गिरधारी। देवकीनंदन कृपा करो, हे भक्तन हितकारी॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
जो नर दे परिकम्मा पूजन पाठ करें। गावें नित्य आरती पुनि नहिं जनम धरें॥
ॐ जय जय जय गिरिराज...॥
Sources
- Shri Giriraj Aarti Lyrics — DrikPanchang