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परमात्मा

श्री गिरिराज आरती

Shri Giriraj Aarti

Devotional hymn to Giriraj, the Govardhan hill worshipped as a form of Krishna's protection.

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1

ॐ जय जय जय गिरिराज, स्वामी जय जय जय गिरिराज। संकट में तुम राखौ, निज भक्तन की लाज॥

2

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

3

इन्द्रादिक सब सुर मिल तुम्हरौं ध्यान धरैं। रिषि मुनिजन यश गावें, ते भवसिन्धु तरैं॥

4

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

5

सुन्दर रूप तुम्हारौ श्याम सिला सोहें। वन उपवन लखि-लखि के भक्तन मन मोहें॥

6

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

7

मध्य मानसी गङ्गा कलि के मल हरनी। तापै दीप जलावें, उतरें वैतरनी॥

8

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

9

नवल अप्सरा कुण्ड सुहावन-पावन सुखकारी। बायें राधा-कुण्ड नहावें महा पापहारी॥

10

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

11

तुम्ही मुक्ति के दाता कलियुग के स्वामी। दीनन के हो रक्षक प्रभु अन्तरयामी॥

12

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

13

हम हैं शरण तुम्हारी, गिरिवर गिरधारी। देवकीनंदन कृपा करो, हे भक्तन हितकारी॥

14

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

15

जो नर दे परिकम्मा पूजन पाठ करें। गावें नित्य आरती पुनि नहिं जनम धरें॥

16

ॐ जय जय जय गिरिराज...॥

Sources