श्री गोपाल की आरती
Shri Gopala Aarti
Devotional hymn to Krishna as Gopala, the cowherd of Vraja.
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1
आरती जुगल किशोर की कीजै, राधे धन न्यौछावर कीजै। x2 रवि शशि कोटि बदन की शोभा, ताहि निरखि मेरा मन लोभा।
2
आरती जुगल किशोर की कीजै...।
3
गौर श्याम मुख निरखत रीझै, प्रभु को स्वरुप नयन भर पीजै। कंचन थार कपूर की बाती, हरि आये निर्मल भई छाती।
4
आरती जुगल किशोर की कीजै...।
5
फूलन की सेज फूलन की माला, रतन सिंहासन बैठे नन्दलाला। मोर मुकुट कर मुरली सोहै, नटवर वेष देखि मन मोहै।
6
आरती जुगल किशोर की कीजै...।
7
आधा नील पीत पटसारी, कुञ्ज बिहारी गिरिवरधारी। श्री पुरुषोत्तम गिरवरधारी, आरती करें सकल ब्रजनारी।
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आरती जुगल किशोर की कीजै...।
9
नन्द लाला वृषभानु किशोरी, परमानन्द स्वामी अविचल जोरी। आरती जुगल किशोर की कीजै, राधे धन न्यौछावर कीजै।
10
आरती जुगल किशोर की कीजै...।
Sources
- Shri Gopala Aarti Lyrics — DrikPanchang