श्री रघुवर आरती
Shri Raghuvar Aarti
Devotional hymn to Rama as Raghuvar, best of the Raghu dynasty.
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आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत् चित् आनन्द शिव सुन्दर की। दशरथ तनय कौशल्या नन्दन, सुर मुनि रक्षक दैत्य निकन्दन। अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन, मर्यादा पुरुषोतम वर की।
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आरती कीजै श्री रघुवर जी की...।
3
निर्गुण सगुण अनूप रूप निधि, सकल लोक वन्दित विभिन्न विधि। हरण शोक-भय दायक नव निधि, माया रहित दिव्य नर वर की।
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आरती कीजै श्री रघुवर जी की...।
5
जानकी पति सुर अधिपति जगपति, अखिल लोक पालक त्रिलोक गति। विश्व वन्द्य अवन्ह अमित गति, एक मात्र गति सचराचर की।
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आरती कीजै श्री रघुवर जी की...।
7
शरणागत वत्सल व्रतधारी, भक्त कल्प तरुवर असुरारी। नाम लेत जग पावनकारी, वानर सखा दीन दुख हर की।
8
आरती कीजै श्री रघुवर जी की...।
Sources
- Shri Raghuvar Aarti Lyrics — DrikPanchang