शनिदेव की आरती
Shri Shanidev Aarti
Devotional hymn to Shani Dev, the planetary deity of Saturn.
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1
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी। सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥
2
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥
3
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी। निलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥
4
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥
5
क्रीट मुकुट शीश सहज दिपत है लिलारी। मुक्तन की माल गले शोभित बलिहारी॥
6
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥
7
मोदक और मिष्ठान चढ़े, चढ़ती पान सुपारी। लोहा, तिल, तेल, उड़द महिषी है अति प्यारी॥
8
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥
9
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी। विश्वनाथ धरत ध्यान हम हैं शरण तुम्हारी॥
10
जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी॥
Sources
- Shri Shanidev Aarti Lyrics — DrikPanchang