श्री विश्वकर्मा आरती
Shri Vishwakarma Aarti
Devotional hymn to Vishwakarma, the divine architect and craftsman of the gods.
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1
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो प्रभु विश्वकर्मा। सुदामा की विनय सुनी और कंचन महल बनाये। सकल पदारथ देकर प्रभु जी दुखियों के दुख टारे॥
2
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
3
विनय करी भगवान कृष्ण ने द्वारिकापुरी बनाओ। ग्वाल बालों की रक्षा की प्रभु की लाज बचायो॥
4
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
5
रामचन्द्र ने पूजन की तब सेतु बांध रचि डारो। सब सेना को पार किया प्रभु लंका विजय करावो॥
6
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
7
श्री कृष्ण की विजय सुनो प्रभु आके दर्श दिखावो। शिल्प विद्या का दो प्रकाश मेरा जीवन सफल बनावो॥
8
प्रभु श्री विश्वकर्मा घर आवो...॥
Sources
- Shri Vishwakarma Aarti Lyrics — DrikPanchang