Skip to content
परमात्मा

श्री विन्ध्येश्वरी माता जी की आरती

Vindhyeshwari Mata Aarti

Devotional hymn to Vindhyeshwari, form of Durga enshrined in the Vindhya hills.

8 parts · 0 views · 0 shares

1

सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, तेरा पार न पाया। x2 पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले तेरी भेंट चढ़ाया॥

2

जय विन्ध्येश्वरी माता॥

3

सुवा चोली तेरे अंग विराजै, केशर तिलक लगाया। नंगे पांव अकबर जाकर, सोने का छत्र चढ़ाया॥

4

जय विन्ध्येश्वरी माता॥

5

ऊँचे ऊँचे पर्वत बना देवालय, नीचे शहर बसाया। सत्युग त्रेता द्वापर मध्ये, कलयुग राज सवाया॥

6

जय विन्ध्येश्वरी माता॥

7

धूप दीप नैवेद्य आरती, मोहन भोग लगाया। ध्यानू भगत मैया (तेरा) गुण गावैं, मन वांछित फल पाया॥

8

जय विन्ध्येश्वरी माता॥

Sources