श्री विन्ध्येश्वरी माता जी की आरती
Vindhyeshwari Mata Aarti
Devotional hymn to Vindhyeshwari, form of Durga enshrined in the Vindhya hills.
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1
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनि, तेरा पार न पाया। x2 पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले तेरी भेंट चढ़ाया॥
2
जय विन्ध्येश्वरी माता॥
3
सुवा चोली तेरे अंग विराजै, केशर तिलक लगाया। नंगे पांव अकबर जाकर, सोने का छत्र चढ़ाया॥
4
जय विन्ध्येश्वरी माता॥
5
ऊँचे ऊँचे पर्वत बना देवालय, नीचे शहर बसाया। सत्युग त्रेता द्वापर मध्ये, कलयुग राज सवाया॥
6
जय विन्ध्येश्वरी माता॥
7
धूप दीप नैवेद्य आरती, मोहन भोग लगाया। ध्यानू भगत मैया (तेरा) गुण गावैं, मन वांछित फल पाया॥
8
जय विन्ध्येश्वरी माता॥
Sources
- Vindhyeshwari Mata Aarti Lyrics — DrikPanchang